
देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ खेल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लक्ष्य पर केंद्र सरकार तेजी से कार्य कर रही है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है और विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नया भारत निर्माण की राह पर अग्रसर है और आने वाले समय में खेल क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 10 वर्षों के विजन के तहत भारत को दुनिया के शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में शामिल करने की दिशा में ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है।
खेलो इंडिया से बन रहा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम
डॉ. मांडविया ने बताया कि देश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें मंच देने और एक मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘खेलो इंडिया’ के तहत कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के अंतर्गत स्कूल गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, ट्राइबल गेम्स, बीच गेम्स और स्नो गेम्स जैसे विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं, जिससे हर क्षेत्र और हर वर्ग की प्रतिभाओं को अवसर मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ ट्राइबल गेम्स का नया अध्याय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की शुरुआत देश में पहली बार छत्तीसगढ़ से हो रही है, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन अब प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जाएगा, जिससे राज्य को खेल मानचित्र पर विशेष पहचान मिलेगी।
3000 से अधिक खिलाड़ी दिखाएंगे दम
उन्होंने जानकारी दी कि देश के विभिन्न ट्राइबल राज्यों से 3000 से अधिक खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। 27 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इन खेलों में सरगुजा, बस्तर और रायपुर जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रतियोगिताएं होंगी।
टैलेंट पहचानने के लिए विशेषज्ञों की टीम मौजूद
डॉ. मांडविया ने बताया कि प्रतियोगिता स्थलों पर खेल विशेषज्ञों की विशेष टीम मौजूद रहेगी, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का प्रयास
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को हर क्षेत्र में मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और खेल क्षेत्र इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खेल न केवल देश की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं।
वरिष्ठ नेताओं की रही उपस्थिति
इस दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक मोतीलाल साहू, सुशांत शुक्ला, एपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, लाभचंद बाफना एवं संजू नारायण सिंह ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
खेलों के जरिए देश को नई पहचान
केंद्रीय मंत्री के इस बयान से साफ है कि आने वाले वर्षों में खेल क्षेत्र भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा। छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ यह अभियान देशभर की प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
