वॉशिंगटन डीसी/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक लहर पूरी की है। इनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल हैं।

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। कुवैत में भी ईरानी ड्रोन हमलों के बीच एयर डिफेंस सक्रिय की गई है, जबकि जॉर्डन ने 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा कंट्रोल है और ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है।

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज पर लगभग पूरा कंट्रोल है। - Dainik Bhaskar
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि अमेरिका का होर्मुज पर लगभग पूरा कंट्रोल है।
ईरान का दावा- खुजस्तान में अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 की मौत

ईरान ने दावा किया है कि खुजस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमले में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायल हुए हैं। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिका ने प्रांत में 3 जगहों को निशाना बनाया।

रिपोर्ट- रूस गुपचुप तरीके से ईरान को सुपरसोनिक मिसाइल तकनीक दे रहा

रूस कथित तौर पर ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने की तकनीक गुप्त रूप से दे रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह सीक्रेट प्रोग्राम 2023 से चल रहा है। इसका मकसद ईरान को ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद करना है, जिससे क्रूज मिसाइलें आवाज की गति से कई गुना तेज उड़ सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम का कोडनेम C430L है। इसमें रूस के अनुभवी मिसाइल विशेषज्ञ शामिल हैं। रूस ईरान को रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में मदद कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान रैमजेट सिस्टम बना चुका है और इसका फ्लाइट टेस्ट भी कर चुका है। हालांकि, अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि रूस की मदद से बनी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ईरान ने तैनात कर दी है।

इस तकनीक का इस्तेमाल एंटी-शिप और जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलों में किया जा सकता है। तेज रफ्तार और कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता के कारण ऐसी मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रोकना मुश्किल हो सकता है।

ईरान का दावा- जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है।

दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईरानी हमले जारी रहने के कारण स्थिति बदल भी सकती है।

ईरान का आरोप- अमेरिका ने शादी समारोह पर भी हमला किया

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों में एक शादी समारोह भी निशाने पर आया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि सिरिक के कुहस्तक इलाके में एक रिहायशी घर पर हमला हुआ, जहां एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था।

बघाई के मुताबिक, हमले में 50 से ज्यादा निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या घायल हुए। उन्होंने अमेरिकी हमलों को ‘बर्बर अपराध’ बताया और कहा कि ईरान इनका दृढ़ता से जवाब देगा।

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